[ नकसीर (एपिसटेक्सिस) ]
1. नीबू के रस की चार बूंदें जिस नथूने से रक्त आ रहा हो उसमें डालने से तुरंत रक्त आना बंद हो जाता है।
2. मूली पर नीबू निचोड़कर नित्य खाने से बार बार नकसीर आना बंद हो जाता है।
[ दांतों मसूड़ों से रक्तस्राव ]
हो तो नीबू की फांक निचोडकर आधा रस निकालकर, इस फांक से दांत और मसूढ़े रगडें । मसूढ़ों से रक्तस्राव बंद हो जायेगा। मसूढ़े ढीले पड गये हों तो नीबू की मीठी सिकंजी दो बार एक महीना पीयें ।
[ दांतों की सफाई व दांतो का पीलापन ]
नीबू की आधी निचोडी फांक पर चार पांच बूंद सरसों का तेल जरा सा नमक डालकर दांतों को रगडों । दांतों का पीलापन दूर होकर चमकने लगेंगे।
[ पांवों में पसीना ]
गर्म पानी के दो गिलास में एक नीबू का रस मिलाकर पगतलियों का सेक करें। फिर इसी पानी से पगतलियां धोयें।









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